aaina

...sach dikhta hai ....[.kahani,lekh.haas-parihaas ,geet/kavitaaye

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briju


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स्वर्गवासी मित्र की पाती !

Posted On: 29 Aug, 2016  
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हास्य व्यंग में

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69 साल बाद !

Posted On: 16 Aug, 2016  
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लोकल टिकेट में

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क्रांतिकारी कवि- कबीर !

Posted On: 22 Jun, 2016  
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Hindi Sahitya Social Issues लोकल टिकेट में

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मंदिर -प्रवेश वर्जित है ?

Posted On: 27 Jan, 2016  
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Others social issues लोकल टिकेट में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: jlsingh jlsingh

, प्रिय हाय यह तुम बैठक खुशी है, मैं एन बेन हूँ, मैं अमेरिका के संयुक्त राज्य से, एक संयुक्त राज्य सेना अधिकारी हूँ सहायक और देखभाल कर रहा हूँ, एक अच्छा दोस्त पाने के लिए इंतजार कर रही है, मेरी निजी ईमेल बॉक्स के माध्यम से हमारी बातचीत जारी है कृपया, यहाँ मेरा ईमेल पता (annben1@hotmail.com) मैं अपने आप को बेहतर शुरू करने और मैं आपके मेल प्राप्त होते ही मेरी तस्वीर भेज देंगे. , मैं आप के साथ संपर्क में आते हैं और मैं वास्तव में कारण मेरा कर्तव्य तुम्हारा की हालत को मेल लिखने के लिए मैं हमेशा उपलब्ध नहीं हूँ, हालांकि मेरी रुचि इंगित करने के लिए इच्छा एन. Hi dear, It is my pleasure meeting you, I am Ann Ben, I am a United State Army officer, from united state of America, am supportive and caring, looking forward to get a nice friend,Please let continue our conversation through my private email box, Here is my email address ( annben1@hotmail.com ) I will introduce myself better and send you my picture as soon as i receive your mail. I come in contact with you and I really wish to indicate my interest although i'm not always available to write mail due to the condition of my duty Yours, Ann.

के द्वारा: ann0000 ann0000

के द्वारा: RaJ RaJ

यह हार अन्ना या अरविन्द की हो ही नहीं सकती क्योंकि ये दोनों किसी भी हालत में जरुरुरी नहीं के जीतें पर भ्रष्ट नेताओं ने फिलहाल जैसे कुटिल मुस्कराहट भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन के बंद होते ही ली उससे यहाँ की जनता को फिक्रमंद होना चाहिए की देश अराजकता और लूटमार की और बढ़ रहा है | यहाँ दुनिया के सबसे जयादा भूखों कुपोषितों की संख्या है| सामाजिक और आर्थिक असामनता ही समानरूप से पाए जाने वाला कारन जो यदि खतरनाक परिधि ऊपर चला जाये तो अराज़कता दंगा फसाद गली गली में खून खराबा घर से बहर निकलते ही गोली लग जाना , जैसे हालत बन जाते है | महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं है महत्वपूर्ण इस देश का भविष्य है |

के द्वारा:

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आ० अबोध जी , बड़े दिनों के बाद आपके दर्शन हुए ......धन्यवाद..... आश्चर्य होता है की आज़ाद भारत के निर्माताओं /पुरोधाओं ने अपनी पीड़ी को कैसा भारत दिया है ..एक देश के अन्दर दूसरा देश ,जो आज भी शोषित है ,असहाय है मजबूर है वही महाजन की भूमिकाओं में सेठ साहूकार, पुलिस क़ानून जो सिर्फ और सिर्फ गरीब का शोषण कर रहा है ...झुन्ज्लाहट होती है देश के haalaato par .....lekin ummeed है की शायद हम आने वाली पीड़ी को आदर्श भारत ...के लिए है .आश्चर्य होता है की आज़ाद भारत के निर्माताओं /पुरोधाओं ने अपनी पीड़ी को कैसा भारत दिया है ..एक देश के अन्दर दूसरा देश ,जो आज भी शोषित है ,असहाय है मजबूर है वही महाजन की भूमिकाओं में सेठ साहूकार, पुलिस क़ानून जो सिर्फ और सिर्फ गरीब का शोषण कर रहा है ...झुन्ज्लाहट होती है देश के haalaato par .....lekin ummeed है की शायद हम आने वाली पीड़ी को आदर्श भारत ... एक na एक shama andere में jalaaye rakhiye ..subah hone को है maahol banaaye rakhiye ...

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गोरे लुटेरों के बाद भूरे लुटेरों के जाल के जाल को तोर कर सच्ची आज़ादी हासिल करना थोरा मुश्किल तो है लेकिन नामुमकिन बिलकुल भी नहीं, हालिया कुछ विश्वव्यापी जन आंदोलनों से हम भारतीओं को कुछ तो शिक्षा लेनी चाहिए, क्या मिश्र, लीबिया और हमारे देश में अन्ना जी, और उन के चाँद साथिओं ने जो जन जागरण का एक उदहारण पेश किया और दुनिया के कुछ और भी कुछ देशों में जो कुछ हुआ और हो रहा है उस की कोई आज तक कल्पना कर सकता था ? ये उन भ्रष्ट और पापी नेता, ब्यापारी, दलाल और देश के गद्दारों के हश्र का स्पष्ट संकेत है, लेकिन विनाशकाले विपरीत .......हमारे तथा कथित (अ)राजनेता सुधारना नहीं चाहते, क्यों की उनकी किश्मत में अब जनता के द्वारा दंड भुगतना ही शेष है.... और इश्वर से कामना है के वह दिन जल्द आये.....

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के द्वारा: briju briju

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के द्वारा: sunildubey sunildubey

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